भारत में पेटेंट आवेदन 1.4 लाख पार, नैसकॉम ने गुणवत्ता पर दिया जोर

Posted on: 2026-04-28


नैसकॉम की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वित्त वर्ष 2025-26 में पेटेंट आवेदन (patent filings) 1.4 लाख के पार पहुंच गए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अब सिर्फ आवेदन बढ़ाने के बजाय “वैल्यू-ड्रिवन” (value-driven) पेटेंट सिस्टम की ओर बढ़ने की जरूरत है।

रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में पेटेंट आवेदन में 30.2% की बढ़ोतरी हुई, जबकि FY25 में यह वृद्धि 19.8% थी। इस तेजी की बड़ी वजह देश के भीतर से आने वाले आवेदन (resident filings) रहे, जिनमें FY26 में 46.2% की वृद्धि दर्ज की गई।

कुल आवेदनों में करीब 70% हिस्सेदारी भारतीय आवेदकों की रही, जिसमें स्टार्टअप, MSME, शैक्षणिक संस्थान और व्यक्तिगत इनोवेटर्स शामिल हैं। कंप्यूटर टेक्नोलॉजी से जुड़े पेटेंट का हिस्सा भी बढ़कर 19.1% हो गया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में लगातार नौवें साल पेटेंट आवेदन बढ़े हैं, लेकिन अब ध्यान गुणवत्ता और उपयोगिता पर देना जरूरी है। इसके लिए आवेदन से मंजूरी (grant) तक की प्रक्रिया को बेहतर बनाना, पेटेंट की गुणवत्ता बढ़ाना और जांच प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी होगा।

साथ ही, यह भी कहा गया कि पेटेंट का सही फायदा तभी होगा जब उन्हें उद्योग में इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए लाइसेंसिंग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्टार्टअप स्पिन-ऑफ जैसे कदम जरूरी हैं।

रिपोर्ट में एक चिंता भी जताई गई है कि आवेदन बढ़ रहे हैं, लेकिन मंजूरी (grant) कम हो रही है। FY26 में करीब 21,400 पेटेंट मंजूर हुए, जबकि FY25 में यह संख्या 33,500 थी।

शैक्षणिक संस्थान सबसे ज्यादा आवेदन कर रहे हैं (करीब 40%), लेकिन मंजूरी में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 10% के आसपास है। वहीं, मल्टीनेशनल कंपनियों को आधे से ज्यादा पेटेंट मंजूरी मिल रही है, जबकि उनके आवेदन कम हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, AI, डीप टेक, बायोटेक, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में मजबूत और परिणाम आधारित पेटेंट सिस्टम बनाना जरूरी है, ताकि भारत वैश्विक इनोवेशन में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।