नई दिल्ली, 27 अप्रैल । राष्ट्रीय राइफल संघ ने अपने 75वें स्थापना वर्ष के अवसर पर एक ऐतिहासिक कार्यक्रम के साथ समारोह की शुरुआत की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस आयोजन में वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और खिलाड़ियों की उपस्थिति रही। साथ ही इस कार्यक्रम के जरिए शूटिंग लीग ऑफ इंडिया को भी गति मिली, जो भारतीय निशानेबाजी के महत्वाकांक्षी भविष्य की रूपरेखा को दर्शाता है।
समारोह के तहत राष्ट्रीय राइफल संघ ने अपने 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष स्मारक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया, जो भारतीय निशानेबाजी में सात दशकों से अधिक की उत्कृष्टता, अनुशासन और उपलब्धियों का प्रतीक है।
इसके अलावा संघ ने देशभर में एक बड़े जमीनी अभियान की घोषणा की, जिसका उद्देश्य 2028 ओलंपिक से पहले 7,50,000 नए स्कूल और कॉलेज के छात्रों को ‘10 शॉट अनुभव’ के माध्यम से निशानेबाजी से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों और जिलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय संगठन, विश्वविद्यालयों, स्कूल बोर्ड और राज्य संघों के सहयोग से लागू किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाना और भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि भारतीय निशानेबाजों की अगली पीढ़ी की पहचान और प्रेरणा दी जा सके।
इस अवसर पर राष्ट्रीय राइफल संघ के एथलीट ऐप का भी आधिकारिक शुभारंभ किया गया। यह एक आधुनिक डिजिटल मंच है, जो संघ को भारत का पहला पूर्णतः डिजिटलीकृत खेल संगठन बनाता है। यह ऐप खिलाड़ियों के पंजीकरण, 7,50,000 युवाओं को जोड़ने, प्रमाण पत्र जारी करने, रिकॉर्ड बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निगरानी जैसे कार्यों के लिए एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा।
इस मौके पर संघ ने खेल मंत्री को 75 वर्ष के प्रतीक चिह्न की स्मृति भेंट भी दी।
कार्यक्रम में डॉ. मांडविया ने कहा, “राष्ट्रीय राइफल संघ के 75 वर्ष पूरे होना प्रेरणादायक है। एथलीट ऐप, 7.5 लाख युवाओं तक पहुंच और आगामी शूटिंग लीग जैसे प्रयास प्रतिभा खोजने, खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर बनाने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने खेलों में उल्लेखनीय प्रगति की है और सही योजना व प्रतिबद्धता के साथ हम दुनिया के अग्रणी खेल देशों में शामिल हो सकते हैं।”
संघ के अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव ने कहा, “यह उपलब्धि केवल हमारे इतिहास को याद करने का नहीं, बल्कि भारतीय निशानेबाजी के भविष्य को आकार देने का भी अवसर है। हमारा लक्ष्य इस खेल को अगली पीढ़ी के लिए अधिक सुलभ, प्रेरणादायक और आकर्षक बनाना है।”
संघ के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा, “75वां वर्ष भारतीय निशानेबाजी के लिए ऐतिहासिक है। वर्ष 2028 ओलंपिक से पहले 7,50,000 छात्रों को खेल से जोड़ने, एथलीट ऐप के माध्यम से तकनीक का उपयोग करने और शूटिंग लीग के जरिए नए अवसर देने पर हमारा फोकस है।”
कार्यक्रम में वर्तमान और पूर्व कई शीर्ष भारतीय निशानेबाज भी उपस्थित रहे, जिनमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर शामिल थीं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय राइफल संघ ने भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दी है। युवाओं को खेल से जोड़ने और एथलीट ऐप जैसे कदम भविष्य के चैंपियन तैयार करेंगे।”
इस दौरान शूटिंग लीग ऑफ इंडिया को लेकर भी उत्साह देखने को मिला। यह देश की पहली फ्रेंचाइजी आधारित पेशेवर निशानेबाजी लीग है, जिसका उद्देश्य खेल को अधिक लोकप्रिय और दर्शक-केंद्रित बनाना है।
कार्यक्रम में लीग का एक विशेष झलक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें इसके नवीन प्रारूप और दर्शकों को आकर्षित करने वाली योजना की झलक देखने को मिली। 75 वर्षों की समृद्ध विरासत के साथ राष्ट्रीय राइफल संघ ने भारतीय निशानेबाजी के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।