भ्रष्टाचार मामले में निगम के चार अधिकारी निलंबित, अवैध जमीन काे गलत तरीके से वैध करने की साजिश

Posted on: 2026-04-18


रायपुर, 18 अप्रैल । नगर निगम आयुक्त ने 100 करोड़ से ज्यादा के भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने शनिवार काे बताया कि चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जोन क्रमांक 10 के तत्कालीन जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे, कार्यपालन अभियंता आशीष शुक्ला, इंजीनियर योगेश यादव और अजय श्रीवास्तव के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले में विभागीय जांच भी की जाएगी। साथ ही विधिक कार्रवाई के साथ-साथ वेतन वृद्धि में भी रोक लगाई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यह मामला करीब 150 से 159 एकड़ अवैध जमीन को गलत तरीके से वैध बनाने की साजिश से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पूरी प्रक्रिया में नगर निगम मुख्यालय को बायपास किया गया और संरचना अनुमोदन व टीएनसी अप्रूवल में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं।

इस मामले की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई। जांच समिति में पंकज शर्मा (अपर आयुक्त, नगर निवेश) को अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि आभाष मिश्रा, आशुतोष सिंह और सोहन गुप्ता सदस्य के रूप में शामिल थे। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान कई बार मूल नस्ती (दस्तावेज) मांगे जाने के बावजूद उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।

यह पूरा मामला कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड क्रमांक 54 अंतर्गत आरडीए कॉलोनी से लगे बोरियाखुर्द, ओम नगर, साई नगर और बिलाल नगर क्षेत्र के भूखंडों से जुड़ा है। इनमें भूखंड क्रमांक 81, 82, 86 से लेकर 450 तक कुल 70 से अधिक खसरा नंबर शामिल हैं।

अवैध कॉलोनियों को वैध करने का षड्यंत्र

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने इस घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि यह 100 करोड़ से अधिक का घोटाला है। दलाल, बिल्डरों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से खेल खेला गया है। नियम-कानून और प्रक्रिया को तिलांजलि दे दी गई है। मामले की जानकारी होते ही मूल नस्ती गायब कर दी गई। अवैध कॉलोनियों को अवैध तरीके से वैध करने का एक बड़ा षड्यंत्र है।