भोपाल । मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने गिरफ्तारी प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए नया निर्देश जारी किया है। अब किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को लिखित में कारण बताना अनिवार्य होगा। यह जानकारी गिरफ्तारी से कम से कम दो घंटे पहले दी जाएगी।
निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तारी के कारण ऐसी भाषा में लिखे जाएं, जिसे संबंधित व्यक्ति आसानी से समझ सके। केवल मौखिक जानकारी अब पर्याप्त नहीं मानी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
यह निर्देश Supreme Court के आदेश के बाद जारी किया गया है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत गिरफ्तारी के कारण जानना हर नागरिक का मौलिक अधिकार बताया है और इसके पालन पर जोर दिया है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस अधीक्षकों, आयुक्तों और संबंधित इकाइयों को आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है। निर्देश के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले ठोस कारणों की लिखित जानकारी देना अनिवार्य होगा।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई अधिकारी इन नियमों का पालन नहीं करता है तो संबंधित गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है। साथ ही अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ न्यायालय की अवमानना का मामला भी दर्ज हो सकता है।
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।