वैश्विक डिजिटल तत्परता में भारत की प्रगति, एनआरआई 2025 में रैंकिंग और स्कोर दोनों में सुधार

Posted on: 2026-02-10


वाशिंगटन डीसी स्थित स्वतंत्र, गैर-लाभकारी अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थान पोर्टुलन्स इंस्टीट्यूट द्वारा 4 फरवरी को जारी नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 (NRI 2025) के अनुसार, भारत ने वैश्विक डिजिटल तत्परता में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। भारत ने इस वर्ष अपनी रैंकिंग में चार स्थान का सुधार करते हुए 45वां स्थान हासिल किया है।

रिपोर्ट में 127 अर्थव्यवस्थाओं की नेटवर्क तत्परता का मूल्यांकन किया गया है, जो कुल 53 संकेतकों पर आधारित है। यह आकलन चार प्रमुख स्तंभों—प्रौद्योगिकी, लोग, शासन और प्रभाव—के अंतर्गत किया गया है।

भारत ने न केवल अपनी वैश्विक रैंकिंग में सुधार किया है, बल्कि अपने समग्र स्कोर में भी बढ़त दर्ज की है। वर्ष 2024 में 100 में से 53.63 अंक प्राप्त करने वाला भारत, 2025 में बढ़कर 54.43 अंक तक पहुँच गया।

देश का प्रदर्शन कई प्रमुख संकेतकों में विशेष रूप से मजबूत रहा। भारत ने दूरसंचार सेवाओं में वार्षिक निवेश, एआई वैज्ञानिक प्रकाशनों, आईसीटी सेवाओं के निर्यात और ई-कॉमर्स कानून जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त, एफटीटीएच/भवन-आधारित इंटरनेट सब्सक्रिप्शन, घरेलू मोबाइल ब्रॉडबैंड इंटरनेट ट्रैफिक और अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बैंडविड्थ में भारत दूसरे स्थान पर रहा।

घरेलू बाजार के आकार और आय असमानता के संकेतकों में भारत को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ, जो देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की व्यापकता और समावेशी विकास की क्षमता को दर्शाता है।

नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स यह मापता है कि विभिन्न अर्थव्यवस्थाएं किस प्रकार सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) का उपयोग आर्थिक विकास, नवाचार, प्रतिस्पर्धात्मकता और सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए करती हैं।