बिलासपुर : फर्जी ‘पुलिस’ लिखी स्कॉर्पियो से रौब झाड़ना पड़ा भारी, ट्रेवल्स संचालक गिरफ्तार

Posted on: 2026-03-26


बिलासपुर, 26 मार्च । बिलासपुर में पुलिस नाम का दुरुपयोग कर रौब दिखाने का मामला सामने आया है। एक ट्रेवल्स संचालक ने अपनी गाड़ी पर अवैध रूप से ‘पुलिस’ लिखवाकर उसे किराए पर दे दिया, जिसके बाद बाउंसरों ने उसी गाड़ी में बैठकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फर्जी तरीके से ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी चलाने का मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए इस प्रकरण में ट्रेवल्स संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें एक स्कॉर्पियो वाहन पर आगे-पीछे ‘पुलिस’ लिखा हुआ नजर आ रहा था। गाड़ी में बैठे कुछ युवक, जो बाउंसर जैसे दिख रहे थे, खुद को पुलिसकर्मी बताकर रौब दिखाते हुए वीडियो बना रहे थे।

यह वीडियो जैसे ही एसएसपी रेजेश सिंह तक पहुंचा, उन्होंने तत्काल जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने वाहन की पहचान कर उसे ट्रेस किया और कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि यह गाड़ी पहले पुलिस लाइन में किराए पर चलती थी। इसी दौरान वाहन मालिक करबला निवासी वीरेंद्र जैन ने गाड़ी पर ‘पुलिस’ लिखवा लिया था, जिसे बाद में हटाया नहीं गया।

पुलिस ने अराेपित काे आज गुरूवार काे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपित वीरेंद्र जैन ने बताया कि, उसने वाहन को किराए पर दिया था। इसी दौरान उसमें सवार युवकों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ लोक सेवक का फर्जी रूप धारण कर प्रभाव डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही वाहन को जब्त कर लिया गया है।

एसएसपी राजनेश सिंह ने स्पष्ट किया है कि पुलिस नाम, वर्दी या प्रतीकों का अनधिकृत उपयोग कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून का गलत फायदा उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि वीडियो में नजर आने वाले युवकों के खिलाफ अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और संबंधित लोगों को भी जल्द ही मामले में शामिल किया जाएगा।